जसवंत सिंह जसोल का देहावसान देश और राज्य में शोक की लहर

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अटल बिहारी वाजपेयी कि तत्कालीन सरकार के अहम् चेहरे श्री जसवंत सिंह जसोल ने आज तडके अंतिम सांस ली, उन्हें अपने ही घर पर सर में गंभीर चोट लगने कि वजह से वर्ष २०१४ में दिल्ली के सैनिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. वो पिछले छः साल से कोमा में थे.

जसवंत सिंह जसोल का निधन दिनांक 27 सितम्बर २०२० को 6 बजकर 55 मिनट पर हुआ. उन्हें हाल ही में 25 जून 2020 को फिर से अस्पताल में दाखिल करवाया गया था. जसवंत सिंह जसोल की मौत का कारण ह्रदयघात बताया गया.

इसके साथ उन्हें Sepsis with Multiorgan Dysfunction Syndrome नामक बिमारी के अलावा सर में चोट के परिणामस्वरूप अन्य गंभीर साइड इफ़ेक्ट भी बताये गए हैं. हॉस्पिटल द्वारा इसकी विस्तारपूर्वक धोषणा भी की गई है. इसके पश्चात देश के तमाम बड़े नेता राजनेता और सैन्य अधिकारियों ने ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की.

Controversies of Jaswant Singh Jasol

दिवंगत जसवंत सिंह द्वारा उनकी किताब India, Partition, Independence में पाकिस्तानी मुहम्मद अली जिन्नाह की तारीफ करने पर भाजपा सरकार द्वारा उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था. तब उन्होंने जैसलमेर से वर्ष २०१४ में बतौर स्वतंत्र उम्मीदवार लोकसभा का चुनाव लड़ा. मगर वे कर्नल सोना राम को हारने में कामयाब नहीं रहे.

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी जसवंत सिंह के निधन पर शोक जताया. और उनके पुत्र श्री मानवेन्द्र सिंह जसोल को ढाढस बांधने वाले शब्द कहे. देश उनके अदितीय कार्यो को कभी नहीं भूलेगा और राजनीति प्रतिद्वंदिता से उलट उनकी छवि के अनुसार उचित सम्मान दिया.

इसके अलावा रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को सराहा. हालाँकि अभी उनके पुत्र द्वारा किसी भी सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट नहीं किया गया है. मगर उनके मानसिक आघात के अनुसार यह एक सही समय आने पर अपनी भावनाओं का इजहार जरुर किया जायेगा.

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